STORYMIRROR

Sneha Bhushan

Inspirational

2  

Sneha Bhushan

Inspirational

आकाश

आकाश

1 min
189

नीले आसमान की चाहत है उसे 

यूँ पंख लगाकर उड़ने दो 

कभी जो छू जाये ये मदमस्त हवाएँ 

इन हवाओं के साथ धीमे धीमे बहने दो 


कहना चाहती है वो बहुत कुछ 

पूरी दुनिया एक कागज़ की

तरह लगने दो 

पिरोने दो उसको अपने शब्द 

उसे एक कविता बनने दो !!!! 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Sneha Bhushan

Similar hindi poem from Inspirational