*आजा़द*
*आजा़द*
आज़ाद था आजा़द हूँ आज़ाद रहूँगा!
बन के लहू देश की नस-नस में बहूँगा!
हो जाएँगे टुकड़े चाहे इस शरीर के
मर के भी हिंदुस्तान जिंदाबाद कहूँगा!
पैदा हुआ हूँ माँ तेरी पाक जमीं पर,
मर जाऊँ जो यहीं तो आबाद रहूँगा!
मार सके मुझे बनी नहीं कोई गोली,
जब तक रहेगी साँस मै नाबाद रहूँगा!
