STORYMIRROR

Aarnya Vani

Classics Inspirational

4  

Aarnya Vani

Classics Inspirational

आज लोकतंत्र का गुंजा नारा है

आज लोकतंत्र का गुंजा नारा है

2 mins
6

छब्बीस जनवरी एतिहासिक पावन,

आज शुभ गणतंत्र दिवस हमारा है !

आज संपूर्ण जगत में गूॅ॑ज रहा,

देखो कैसे गौरव गान हमारा है !


सुमधुर यह यशगान कुछ श्वानों को,

पच नहीं रहा हमारा है !

लोगों को भ्रमित कर सदा भडकाना ही,

उनका शगल सा बन आया है !


भारत को गणतंत्र बनाने को,

वीर शहीदों ने अपना रक्त बहाया है !

महान् है गणतंत्र हमारा रक्षा हित जिसका,

हमने विराट संविधान बनाया है !


यश,कीर्ति,सुख,दुःख सौगातों की सौगातों को,

अपने हृदय मेँ बसाया है !

संविधान सहयोग से हम किसी को गणतंत्र का,

सर्वोपरि शक्तिमान सुझाया है !


उसी की अलौकिक जन शक्ति सृजनता से,

हमने देश को सबसे आगे बढ़ाया है !

भारत माता का सपूत प्रतापी गणतंत्र की रक्षा हित मेँ,

प्राण तक न्यौछावर कर आया है !


दुश्मन की दाल हम कभी न गलने देंगे,

आतंकियो और आता ताइयों को हमने धमकाया है !

गणतंत्र रहेगा अमर अजर और निर्भीक सदा,

माॅ॑ के चरणों की धूल हममे मस्तक पर लगाया है !


गणतंत्र, प्रजातंत्र देश की रक्षा हित करने को,

संविधान को अमर करने का जूनून दिखाया है!

आज नूतन नव शक्ति शौर्य पराक्रम लेकर,

देखो,अपना गणतंत्र दिवस फिर आया है !


बसंती पीतांबरा परिधान हमारी मातृभूमि को,

हमारी सुन्दर प्रकृति सृष्टि ने पहनाया है !

इंद्रधनुष मुस्कुराता दिख रहा गगन में,

श्रतुराज ड्योढ़ी पर खड़ा होकर मुस्कराया है !


सक्षम हाथों में सुरक्षित सौप देश को,

जन जन का मन आज हरषाया है !

फिर भी कुछ नामुराद औलादों ने देश में,

बेहद उत्पात और कोहराम मचाया है !


पर देशभक्त विशाल वृहद जनसमूह ने,

अपने गणतंत्र की रक्षा का व्रत अपनाया है !

अब नहीं रुकेंगे हमारे दृढ़ कदम,

हमने लोकतान्त्रिक देश का सपना सजाया है !


छब्बीस जनवरी है एतिहासिक पावन दिन,

आज शुभ गणतंत्र दिवस हमारा है !

आज संपूर्ण जगत में गूॅ॑ज कैसे रहा,

यह शुभ राष्ट्र गीत का गौरव गान हमारा है !


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics