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Ganeev Kapoor

Tragedy Inspirational

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Ganeev Kapoor

Tragedy Inspirational

आई प्लेज

आई प्लेज

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रो रही है धरती हमारी

अब न रही वह सुन्दर और प्यारी

बदल चुकी है उसकी शक्ल

क्योंकि हमारी बदली अक्ल

 

प्लास्टिक पॉलिथीन इस पर फेंक

बना दो इसे कचरे का बैंक

वेस्ट आके कर लो जमा

पर फिर आएगा ऐसा समां

 

धरती पर जीना मुश्किल हो जायेगा

इंसान सांस तक भी न ले पायेगा

प्लास्टिक जलने की बदबू

हमेशा सताएगी

वह सौंधी की खुशबू कभी

लौट के ना आएगी

 

प्लास्टिक से च्युइंग गम

पटाखे से अनार बम

अब हम लोगों को कैसे समझाए

की इस साल दीवाली में

पटाखे न जलाएं

 

साइकिल तो अच्छी है फ्रॉम कार

यह गाड़ी-वाड़ी तो है बेकार

इनके फ्यूल्स धरती पे कितना

इम्पैक्ट पाते हैं

पर लोग फिर भी इन्हे

खरीदने जाते हैं

 

प्लास्टिक की कुर्सी

प्लास्टिक के कैन

प्लास्टिक को तो कर

देना चाहिए बैन

 

एक दिन ऐसा टाइम आएगा 

कि मानव अपनी इस ग़लती

को पछताएगा

जैसे स्पैरो ने छोड़ा दिल्ली के

प्रदूषित आसमानों को 

वैसे प्रदूषित धरती को छोड़ना

पड़ेगा हम इंसानों को

 

थरमाकोल के प्लेटें

प्लास्टिक के गिलास

ओह मदर नेचर

ले लो न इनकी क्लास

 

इस प्लास्टिक से करते

आपको कितना परेशां

पर इन्ही को भुगतना

पड़ेगा इसका परिणाम

 

प्लास्टिक को जीतने

नहीं देंगे आज

होपफुली हमारे साथ है

सारा समाज

आई प्लेज प्लास्टिक यहाँ से

मिट जायेगा

ऐसे पदार्थों का नामो निशाँ

दूर-दूर तक न दिख पायेगा


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