STORYMIRROR

ଫାଲଗୁନି ରଣା

Abstract

3  

ଫାଲଗୁନି ରଣା

Abstract

आई है दिवाली

आई है दिवाली

1 min
172

आई है दिवाली देखो ,आई है दिवाली

हर आंगन दीपों से भरा है ,मन मोह लेने वाली। 

चारों ओर रोशनी ही रोशनी ,छाई है खुशहाली

आई है दिवाली देखो , आई है दिवाली । । 


नहीं यहां पर तनिक भी संदेह, कितनी है निराली

पटाखों की शोर मच रही है, हर घर में रंगोली। 

यादगार है यह नई दिवाली, महसूस करने वाली

आई है दिवाली देखो, आई है दिवाली। । 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract