आहलाद प्रेम का
आहलाद प्रेम का
यूँ लगता है के.....
एक सदी कैद है
दिल की गहराई में,
होती है लज़्ज़त बड़ी
किसी अपने की नरमाई में!
यूँ लगता है के.....
एक सदी कैद है
दिल की गहराई में,
होती है लज़्ज़त बड़ी
किसी अपने की नरमाई में!