चाह कर भी तुझे , दीदार न पाना तेरा मह़वे ह़ैरत है ज़माने से , ज़माना तेरा। चाह कर भी तुझे , दीदार न पाना तेरा मह़वे ह़ैरत है ज़माने से , ज़माना तेरा।
यूँ लगता है के..... एक सदी कैद है दिल की गहराई में! यूँ लगता है के..... एक सदी कैद है दिल की गहराई में!