आदमी पेड़ से कुछ सीखे...
आदमी पेड़ से कुछ सीखे...
ये पेड़ भी जीवन का हमारे हिस्सा होते हैं
इनमे भी होती है जान ये भी बढ़ते फूलते हैं
बहुत कुछ ये हमको सीख दे जाते हैं
जड़े इनकी होती है मजबूत गर इनको खूब सींचो,
रहते ये हरे भरे इनको गर हम सींचे रोजाना,
इनकी छाँव सब के लिए एक सी ना देखे ये जात पात,
पंछी बनाकर घोंसला इनमे बनाते अपना आशियाना,
पतझड़ का मौसम आता इनके भी जीवन मे,
हरे भरे ये पत्ते इनके फिर मुरझा जाते है,
सावन की आँधियों से कई बार ये भी घबरा जाते,
ये हमको सिखाते है सुख दुख सब के जीवन का हिस्सा है,
जीवन मिला है गर तो मौत भी हिस्सा है,
मुस्कुराते रहो सदा छाँव अपनी देते रहो,
माँ के आंचल की भाँती पिता सा लाड़ प्यार बरसाते रहो,
कुछ भी हो जाये कदम अपने बढ़ाते रहो,
जीवन अपना जीना सीखो इन पेड़ों से बिना स्वार्थ के जीते जाओ ।
