बदलनी होगी सोच
बदलनी होगी सोच
हिन्दुस्तान देश हमारा है
हमने सबको गले लगाया है
ना जाती देखी न उंच या नीच
सबको अपने दिल से लगाया है
फिरंगियों को मार मार कर देश से भगाया है
देश तो आज़ाद हो गया मगर सोच आज भी वह पुरानी है
आज भी लड़कियों को लड़को से कम समझा जाता है
आज भी लड़कियों का शोषन किया जाता है
आज भी लड़कियों को नीचे गिराया जाता है
आज भी लड़की पैदा होने पर उसे डुबा कर मारा जाता है
आज भी लड़कियों को पहरे में रखा जाता है
क्यों यह भेदभाव है लड़कियों के साथ
देश तो आज़ाद हो गया मगर ऊसकी सोच रह गयी पुरानी
दुनिया आगे बड़ रहा है
मगर हमारी सोच वही पुरानी
कहते है आत्मनिर्भर बनो
जब होगी सोच पुरानी कैसे होगा देश आत्मनिर्भर
अगर बनाना है देश आत्मनिर्भर
बदलनी होगी सोच बनाना होगा लड़कियों को आत्मनिर्भर
तभी तो बनेगा देश आत्मनिर्भर
