STORYMIRROR

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational

3  

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational

दुनिया दारी

दुनिया दारी

1 min
210

सफलता के हुनर उन्हें आते हैं 

दुनियादारी को जो जान जाते हैं 

मतलब की तराजू पे तौल कर 

नाते रिश्तों को वो निभाते हैं । 

झूठी मुस्कान सजाते हैं लबों पर 

कातिल इरादों को जो छुपाते हैं 

दोस्ती के ढोंग में गले लग कर 

धोखे से पीठ में खंजर घुसाते हैं 

"प्रेम" को कुचल देते हैं पैरों तले 

दौलत को जो भगवान समझते हैं। 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational