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Asima Jamal

Abstract

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Asima Jamal

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हम हिंदुस्तानी

हम हिंदुस्तानी

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मिलालो हाथ एक दूसरे से

क्यों झगड़ते हो नाम मज़हब से।


खून है तेरा, मेरा भी लाल

फ़साद करना जाहिलों की है चाल।


हर मज़हब सबक़ देता है प्यार करने का

पैगाम देता है आपस में मिलकर रहने का।


डूबती हुई कश्ती को किनारे पर पार लगाना है

हमें आने वाली नसल के लिए मिसाल बनना है।


हक़ है यहाँ सबको हक़ से जीने का

गुरूर हो तो भी खाक में जाना है।


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