ऑल आईज आर ऑन दफा
ऑल आईज आर ऑन दफा
ऑल आईज आर ऑन दफा
एक बार फिर से बॉलीवुड के "भांड" मुजरा करने लग गये । बॉलीवुड के भांडों की यही विशेषता है कि जब जब भी कहीं पर आतंकवादियों की ठुकाई होती है , ये लोग मुजरा करना शुरू कर देते हैं । चीखने चिल्लाने लगते हैं । नौ नौ आंसू गिराने लगते हैं जैसे इनके पिछवाड़े में किसी ने मोटा वाला बांस घुसेड़ दिया हो ।
ये काश्मीर के नरसंहार पर मौन रहे । इजरायल पर हमास के आतंकी हमले पर ये या तो भांगड़ा कर रहे थे या फिर ये अपनी दुम दबाकर कहीं किसी दड़बे में दुबके पड़े थे । तब तो इनकी नानी मरी पड़ी थी लेकिन जैसे ही "दफा" पर इजरायल ने अटैक किया ये भांड रुदाली बनकर "स्यापा" करने लग गये ।
अब प्रश्न यह आता है कि ये भांड आतंकवादियों के पक्ष में ही खड़े क्यों नजर आते हैं ? तो इसका सीधा सा मतलब है कि ये लोग पैसों के गुलाम हैं । जो कोई भी इनके सामने कौड़ियां फेंकता है ये उसी की धुन पर नाचना शुरू कर देते हैं । इन सब भांडों का इतिहास ऐसा ही रहा है ।
कोई सीपिका बानो जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में जाकर हमलावरों के साथ खड़ी होकर अपना समर्थन देती है लेकिन बंगाल में सतत होने वाली हिंसा पर खामोश रहती है । कोई सफ़ीना कपूर , मोनम कपूर , सूकरा खासकर, कलंका चौपड़ा जैसी जेहादियों के लिए किसी भी हद तक समर्थन दे देती है लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचारों पर अपने होंठ सिल लेती हैं तब सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि ये लोग इन जेहादियों के लिए अपने कपड़े क्यों नोच डालतीं हैं ! तब समझ में आता है कि अब ये भांड और नचनिया बॉलीवुड में अप्रासंगिक हो गई हैं । न तो ये चल पा रही हैं और न ही इनकी फिल्में । अब उनको कोई भाव नहीं दे रहा है ।
घर चलाने के लिए पैसा तो चाहिए ना ? इनके मेकअप पर ही लाखों रुपए खर्च हो जाते हैं । ये लोग पशु प्रेमी होने का दंभ भरते हैं लेकिन मटन, चिकन के बिना रह नहीं सकते हैं । तो इनका खर्च कौन उठायेगा ? इसके लिए ही तो "ऑल आईज आर ऑन दफा" जैसे मिशन में शामिल होना पड़ता है । पैसा चीज ही ऐसी है कि ये भांड पैसे के लिए कुछ भी कर सकते हैं । जेहादियों, आतंकवादियों का समर्थन करना इनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है । ये भांड तथाकथित किसान आन्दोलन में भी भांगड़ा करते देखे गए थे । CAA विरोधी आंदोलन में भी कुछ न समझते हुए भी कत्थक करते नजर आये थे । सब पैसों का कमाल है । इन लोगों का माई बाप सिर्फ पैसा है और ये भांड लोग पैसे के लिए कुछ भी कर सकते हैं । "ऑल आईज आर ऑन दफा" मुहिम भी उसी कड़ी का हिस्सा है ।
श्री हरि
