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Neeraj pal

Inspirational

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Neeraj pal

Inspirational

निष्पक्षता

निष्पक्षता

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एक बादशाह ने गधों को कतार में चलता देखा तो धोबी से पूछा," ये कैसे सीधे चलते हैं......?" धोबी ने जवाब दिया," जो लाइन तोड़ता है उसे मैं सजा देता हूं, बस ,इसलिए ये सीधे चलते हैं ।"

बादशाह बोला," मेरे मुल्क में अमन कायम कर सकते हो.....,"

धोबी ने हामी भर ली ।

धोबी शहर आया तो बादशाह ने उसे मुंसिफ बना दिया, और एक चोर का मुकदमा आ गया ,धोबी ने कहा चोर का हाथ काट दो ।

जल्लाद ने वजीर की तरफ देखा और धोबी के कान में बोला," यह वजीर साहब का खास आदमी है ।"

धोबी ने दोबारा कहा इसका हाथ काट दो ,तो वजीर ने सरगोशी की कि यह अपना आदमी है ख्याल करो ।

इस बार धोबी ने कहा," चोर का हाथ और वजीर की जुबान दोनों काट दो ,और एक फैसले से ही मुल्क में अमन कायम हो गया.....।


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