नागिन की आंखों की प्यास
नागिन की आंखों की प्यास
समय का पहिया अपनी रफ्तार से घूमता रहा और शिवान की मौत को दस साल बीत गए। जिस मुखिया ने उस रात शिवान की जान ली थी, उसका बेटा शांतनु अब जवान हो चुका था । शांतनु का दिल अपने ही गांव की एक बेहद सरल और सुलील लड़की सनाया के लिए धड़कता था। दोनों काफी समय से एक -दूसरे को जानते थे। और जब दोनों ने अपने प्यार के बारे में बताया तो घरवालें और गांव के लोग भी मान गए, क्यों कि दोनों का प्यार सच्चा था।
इसीलिए पूरे गांव की मौजूदगी में बड़े धूमधाम से शांतनु और सनाया की शादी हो गई।
शांतनु को शहर में एक अच्छी भी मिल गई थी , इसलिए वह अपनी नई नवेली दुल्हन सनाया को लेकर शहर जाकर बस गया।वे दोनों अपनी नई जिंदगी के सुनहरे सपने बुन रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनके अतीत का एक खौफनाक साया उनका पीछा कर रहा है ।
नागिन शिवन्या , जिसकी आंखों की प्यास दस साल बाद भी नहीं बुझी थी, वह शांतनु का पीछा करते हुए शहर तक पहुंच गई ।
उसने देख लिया था कि शांतनु और सनाया एक-दूसरे दूसरे से कितना प्यार करते हैं , और यहीं उसके इंतकाम का हथियार बनने वाला था।
शिवन्या ने एक बेहद खूबसूरत और रहस्यमयी औरत का रूप धरा और शांतनु के करीब पहुंच गई।
उसने शांतनु को अपने झूठे प्यार के जाल में फंसाना शुरू कर दिया । उसका मकसद सिर्फ शांतनु की जान लेना नहीं , बल्कि एक बहुत बड़ी और अंधेरी साजिश को अंजाम देना था।
शिवन्या चाहती थी कि वह सही वक्त आने पर शांतनु को मारकर उसकी देह को खाली कर दे और उसमें अपने मरे हुए प्रेमी शिवान की आत्मा को डाल दे।
इस तरह उसका नाग फिर से जीवित हो उठता , लेकिन इसके लिए
उसे शांतनु और सनाया के पवित्र रिश्ते की बलि देनी पड़ेगी।
क्या शिवन्या अपने इस मायाजाल में सफल हो पाएगी? क्या शांतनु अपनी पत्नी सनाया को छोड़कर उस नागिन के फरेब में फंस जाएगा?
