STORYMIRROR

Nisha Bharti

Drama

4  

Nisha Bharti

Drama

नागिन की आंखों की प्यास भाग 5

नागिन की आंखों की प्यास भाग 5

3 mins
14

कहानी अब अपने चरम पर थी । एक तरफ शिवन्या अपनी शक्तियों और प्रतिशोध के साथ खड़ी थी, तो दूसरी तरफ सनाया का अटूट विश्वास । इसी बीच , नागलोक की नाग- माता ( नागों  की देवी) प्रकट हुईं ।
उन्होंने शिवन्या के सामने एक कठोर शर्त रखी :  "शिवन्या, यदि तुम शिवान को जीवित करना चाहती हो और नाग-राज्य की  सत्ता संभालना चाहती हो ,
तो तुम्हें शांतनु के शरीर में शिवान को बसाना होगा और उससे एक संतान को जन्म देना होगा। अन्यथा, तुम्हें यह प्रतिशोध और नागलोक छोड़ कर एक साधारण जीवन जीना होगा।"

शिवन्या के लिए यह  मौका सबसे बड़ा था। वह शांतनु को मारने ही वाली थी कि तभी उसकी नजर मंदिर में प्रार्थना करती  पर पड़ी । सनाया शिव जी के सामने 
 रो -रोकर अपने सुहाग की रक्षा की भीख मांग रही थी। तभी महादेव की मूर्ति से एक दिव्य ज्योति निकली , जो इस बात का प्रतीक थी कि सनाया को 
महादेव से वरदान प्राप्त है __शांतनु हर जन्म में सिर्फ और सिर्फ सनाया का ही रहेगा।
उसके सच्चे प्यार को कोई भी आलौकिक शक्ति नहीं तोड़ सकती थी।

शिवन्या ने देखा कि सनाया का प्यार कितना निस्वार्थ है। उसे याद आया कि वह खुद भी कभी शिवान से ऐसा ही पवित्र प्रेम करती थी।
उसने महसूस किया कि यदि वह शांतनु को मार देती है, तो वह भी वही पाप करेगी जो दस साल पहले उस मुखिया ने किया था।
वह एक और ‌अपराध का कारण नहीं 
बनना चाहती थी।शिवन्या के आंखों से आंसू गिर पड़े, पर इस बार वे बदले के नहीं , बल्कि के आंसू थे । उसने अपना हाथ पीछे खींच लिया और शांतनु पर से अपना मायाजाल हटा दिया। उसने नाग -देवी से कहा ,    "माता , मैं हार गई । एक पत्नी की भक्ति और महादेव के वरदान के आगे मेरा प्रतिशोध तुच्छ है । मैं किसी का सुहाग उजाड़कर अपना उजाड़ा हुआ सुहाग वापस नहीं पाना चाहती ।"

शिवन्या ने शांतनु और सनाया को हमेशा के लिए माफ कर दिया और अपना बदला छोड़ दिया ।
वह चुपचाप अंधेरे जंगलों की ओर लौट गई, एक साधारण जीवन जीने के लिए।

शांतनु और सनाया का प्रेम जीत गया , और नागिन शिवन्या ने त्याग की एक नई मिसाल पेश की ।


लेखक संदेश 

आपको क्या लगता है क्या नागिन शिवकन्या फिर आयेगी या वो अपनी जिंदगी की एक नई शुरुआत करेगी।
अपनी राय हमें कमेंट में बताइये और शेयर और लाइक जरुर करें।

मेरा सवाल 

आप लोगों से अगर कोई आपके साथ ऐसा करता तो क्या आप उसे माफ कर देते 
लेकिन कभी कभी जब प्यार सच्चा और पवित्र हो तो किसी एक को त्याग करना पड़ता है।


डिस्क्लेमर 

यह कहानी पाठकों की रूचि को ध्यान में रखकर लिखी गई है इसका किसी की भावना ओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि यह एक मनोरंजक धारावाहिक हैं।
🙏🙏




Rate this content
Log in

Similar hindi story from Drama