मेरी बहन
मेरी बहन
प्रिय नंदा,
आज तुम्हें यह खत लिखते समय मन में बहुत सी यादें उमड़ रही हैं। यह सच है कि तुम अब हमारे बीच नहीं हो, लेकिन तुम्हारी यादें, तुम्हारी बातें और तुमसे सीखी हुई हर छोटी-बड़ी बात आज भी मेरे साथ हैं। कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे तुम यहीं कहीं पास हो, बस दिखाई नहीं देती।
नंदा, तुम सिर्फ मेरी बहन ही नहीं थीं, बल्कि मेरी सबसे अच्छी दोस्त, मेरी प्रेरणा और मेरा सबसे बड़ा सहारा भी थीं। जब भी मैं किसी मुश्किल में होती थी, तुम्हारी एक मुस्कान और तुम्हारे कुछ सादे शब्द मुझे हिम्मत दे देते थे। तुम हमेशा कहती थीं कि जीवन में चाहे कैसी भी परिस्थिति आए, हमें हार नहीं माननी चाहिए। शायद यही वजह है कि आज भी जब मैं किसी कठिनाई का सामना करती हूँ, तो तुम्हारी वही बातें मुझे फिर से खड़ा होने की ताकत देती हैं।
तुमसे मैंने बहुत कुछ सीखा है — लोगों से प्यार करना, दूसरों की मदद करना, और हर परिस्थिति में सकारात्मक रहना। तुम्हारा स्वभाव इतना सरल और सच्चा था कि जो भी तुमसे मिलता था, वह तुम्हें कभी भूल नहीं पाता था। तुम हमेशा सबके लिए अच्छा ही सोचती थीं और यही तुम्हारी सबसे खूबसूरत बात थी।
आज तुम्हारी कमी बहुत महसूस होती है। कई बार दिल करता है कि तुमसे फिर से बातें करूँ, अपनी खुशियाँ और परेशानियाँ तुम्हारे साथ बाँटूँ। लेकिन फिर सोचती हूँ कि तुम जहाँ भी हो, वहाँ से मुझे देख रही हो और चाहती हो कि मैं मजबूत बनकर आगे बढ़ती रहूँ।
नंदा, तुम हमेशा मेरी यादों में, मेरी बातों में और मेरे दिल में जिंदा रहोगी। तुम्हारी दी हुई सीख और तुम्हारा प्यार मेरे जीवन का सबसे अनमोल हिस्सा है। मैं कोशिश करूँगी कि तुम्हारे दिखाए रास्ते पर चलते हुए जीवन को अच्छे से जीऊँ और वही अच्छाई आगे बढ़ाऊँ जो तुमने मुझे सिखाई।
जहाँ भी हो, खुश रहना।
तुम्हारी छोटी बहन❤️
