एक चुप सौ सुख
एक चुप सौ सुख
नई नवेली दुल्हन जब उसके जिंदगी में आई तो उसकी दुनिया स्वर्ग सी हो गईI वो बस उसको निहारता रहता और मन में हो रही गुदगुदी को छुपाते हुए मुस्कुरा देता I हर बात पर कहता मुझे बहुत अच्छी दुल्हन मिली है। अब साल होने को आया है, वो अपनी दुल्हन के साथ बहुत खुश हैI उनकी दुल्हन कुछ दिनों से परेशान सी दिखाई दे रही है,उसने कई बार कारण पता करने की कोशिश की पर दुल्हन चुप रहीI क्यूंकि उनकी माँ ने कहा था की तुम लड़की हो और ये दुनियाँ का रिवाज है की बस सुनना, बोलना नहीं। "एक चुप सौ सुख"
बहुत दिन तक वो कुछ नहीं बोली। जब दर्द हद से बढ़ गया। एक दिन उसने कहा की उसकी आँखों और सर में दर्द हैI
वो उसे डॉक्टर से चेक-उप करने ले गया I डॉक्टर ने दुल्हन से पूछा आपने चश्मा लगाना क्यूँ छोड़ दिया? आपकी आँखों की रोशनी पर बहुत असर पड़ रहा है, दवाइयां और चश्मा लेने के बाद दोनों घर आए तो पति ने पूछा ,तुमने चश्मे वाली बात क्यूँ छुपाई?
उसकी दुल्हन ने रोते हुए कहा,मुझसे माँ ने कहा था की किसी को मत बताना नहीं तो लोग तुझे अच्छी दुल्हन नहीं कहेंगेI
