Shantak Singh

Drama Romance Classics


4.7  

Shantak Singh

Drama Romance Classics


चलो देर से ही सही

चलो देर से ही सही

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हेलो ज्योति, यार मैं बहुत परेशन हूँ, कुछ समझ में नहीं आ रहा है की क्या करू ? रिप्लाइ आया, हेलो आप कौन, मैं ज्योति नहीं अंकित बोल रहा हूँ आपने किसको कॉल किया है ? नेहा बोली, हद है, परेशन हूँ मैं, मरने से पहले दोस्त को कॉल किया तो रॉन्ग नंबर लग गया, किस्मत ही सही नहीं है मेरी और ये बोल कर फोन कट कर दिया। अभी जो आपने फोन की बातें सुनी, यह उस जमाने की बात है जब घर में सिर्फ़ एक मोबाइल हुआ करता था, और करीबी दोस्तो के नंबर याद होने की वजह से उन्हे डाइरेक्ट्ली कॉल कर दिया जाता था।

नेहा बहुत परेशन थी इसलिए उसने ज्योति को कॉल किया था पर ग़लती से अंकित को कॉल लग गया। जैसे ही फोन कट हुआ अंकित को कुछ सही नहीं लगा, अभी उस से एक लड़की ने बात किया जो परेशन थी और मरने की बात कर रही थी। अंकित से रहा नहीं गया और उसने दोबारा उसी नंबर पर कॉल कर दिया। नेहा ने कॉल उठाया और गुस्से में बोला, “क्या है, क्यो कॉल किया मुझे, मुझे तंग मत करो, मैं जीना नहीं चाहती हूँ फोन रखो तुम”। अंकित ने वजह पूछा ऐसे क्यो कर रही हो तुम ? पहले तो नेहा ने अनजान आदमी को कुछ भी बताना सही नहींं लग रहा था पर अंकित के बार बार पूछने पर नेहा ने बताना शुरू किया, मेरा पापा आए दिन दारू पीते है,

मुझे और मेरी मम्मी को बात बात पर मरते है, मेरे इग्ज़ेम चल रहे है अभी, पढ़ाई के लिए शांति तो वैसे भी नहीं थी घर में, आज पापा दारू पी कर आए और गुस्से में उन्होने मेरी कितबे फाड़ डाली और मुझे खूब गली दी और मारा भी। मैं बहुत धुखी हूँ इग्ज़ेम में फैल हो गयी तो क्लास में भी मेरा मज़ाक बन जायगा। थक गयी हूँ मैं इस जिंदगी से अब और जीना नहीं चाहती हूँ। यह रोज रोज की मार और दुख से अच्छा है की मैं मर ही जायू। अंकित ने समझना शुरू किया, उसने बोला अपनी मम्मी के बारे में सोचो, तुम मर गयी तो उनका क्या होगा, तुम्हारे बिना क्या वो खुश रह पाएँगी। और रही बात इग्ज़ेम की तो अपनी दोस्त से किताब लो फोटो कॉपी करा लो पढ़ाई करके इग्ज़ेम पास कर लो। हिम्मत से काम लो यह समय मुश्किल है पर बीत जायगा और अगर आज तुम मर गयी तो तुम्हारी मम्मी हुमेशा दुखी रहँगी।

नेहा को यह बातें सुन कर थोड़ी हिम्मत आई और उसने अंकित की बात मान कर फोटो कॉपी करा ली और अच्छे से पढ़ाई करके इग्ज़ेम दिया। जब रिज़ल्ट आए तो नेहा अच्छे नंबर से पास हुई थी। उसने दोबारा अंकित को कॉल किया और उसने मरने ना देना के लिए थॅंक्स बोला। कुछ दिन बाद नेहा के पापा ने उसे फिर मारा और परेशन हो कर उसने फिर अंकित को कॉल किया। अंकित ने फिर उसको अच्छे से समझाया। आज फोन रखने से पहले नेहा ने अंकित को बोला, मेरे जिंदगी में दोस्त बहुत कम है, मैं हर किसी से आपनी प्राब्लम बता नहीं सकती, तुमसे बात करती हूँ तो एक अजीब से शांति मिलता है, तुम जब समझते हो मुझे तो बहुत अच्छा लगता है मुझे और तुमसे बात करते समय, मैं आपने सब दुख भूल जाती हूँ, “क्या तुम मेरे दोस्त बनोगे ? “ यह बोल कर नेहा ने बिना कुछ सुने ही फोन कट करके सो गयी। उसने भी कभी नहीं सोचा था की एक अंजान लड़के को वो ऐसे कुछ पूछ पायेगी इसलिए जवाब सुने बिना ही शर्म से फोन कट कर दिया था।

अंकित ने रात भर सोचा, एक ऐसे लड़की जिस से अभी कुछ दिन पहले उसने बात करना शुरू किया है, जिस से वो कभी मिला नहीं देखा नहीं उस से दोस्ती करू या ना करू। पर अंकित के जिंदगी में भी दोस्त कम थे, और नेहा से बात करने उसे भी अच्छा लगता था। यह सब सोच कर अंकित ने नेहा को मेसेज किया, “हा मैं भी तुमसे दोस्ती करना चाहता हूँ, आज से हम दोनो एक अच्छे दोस्त है, तुम जब चाहो मुझे कॉल करो, मुझसे बात करो अपनी प्राब्लम बताओ मैं हमेशा तुमहरे साथ हूँ”। सुबह ये मेसेज पढ़ कर नेहा भी बहुत खुश हुई और उसने अंकित को कॉल कर दिया। उसने अंकित को थॅंक्स बोला और बताया रात में शर्म से डर के फोन कट कर दिया था की कही तुमको कुछ ग़लत ना लगे।

अब तो हर दिन अंकित और नेहा एक दूसरे से बात करते। दिन कैसे गुज़रा, क्या अच्छा हुआ, क्या प्राब्लम चल रही है जिंदगी में, हर चीज़ पर एक दूसरे से बात करते और समझाते। एक दिन अंकित ने नेहा से उसके पापा बहुत दारू क्यो पीते है यह जानना चाहा, नेहा ने बताया उसका एक छोटा भाई था राहुल, एक दिन उसके पापा राहुल को बाइक से ले कर कही जा रहे थे, रास्ते में आक्सिडेंट हो गया और राहुल वही रोड पर ही मर गया।

इस दुख की वजह से ही पापा ने दारू पीना शुरू किया और जब ज़्यादा दारू पी लेते है तो उसको और मम्मी को मारते थे। अंकित ने जब यह बात सुनी तो उसने नेहा को बताया की उसके एक रिश्तेदार है जो दारू की लत ख़तम करवा देते है, अपने पापा को उनके यहा ले जाओ और बोलना की अंकित ने बताया है आपके यहाँ आने के लिए तो बिना पैसे लिए ही वो तुम्हारे पापा की दारू की आदत छुड़वा देंगे। अंकित ऐसे ही बहुत मौके पर नेहा की मदद करता रहता। नेहा के पापा ठीक हो गये, नेहा बहुत खुश हुई।

अंकित और नेहा को एक दूसरे से बात करते करते 1 साल से भी ज़्यादा हो गया था पर अभी तक वो एक दूसरे से मिले नहीं थे। अंकित को नेहा की आवाज़ बहुत अच्छी लगती थी। जैसे बारिश की बूँद जो पेड़ पौधो को जिस तरह की शाँति देती है वैसे ही शाँति मिलती अंकित को नेहा से बात कर के। जैसे सुबह सूरज की पहली किरण से सभी जीव जन्तु में जान आती है उसी तरह नेहा की आवाज़ सुन कर अंकित को अपने अंदर जिंदा होने का एहसास होता था। नेहा को भी अंकित बहुत पसंद आता था, और ऐसे ही एक दिन फोन पर बात करते करते नेहा ने अंकित को प्रपोज़ कर दिया। अंकित ने तुरंत फोन कट कर दिया।

अंकित एक मिड्ल क्लास फॅमिली से था। अंकित पढ़ाई में बहुत अच्छा था। उसका सपना था की वो एक बहुत अच्छा इंजिनियर बने। अंकित हुमेशा अपनी पढ़ाई में बिज़ी रहता था और इसी वजह से उसके दोस्त कम थे। फिर एक दिन जब अचानक नेहा ने कॉल करके बात की उसको बहुत अच्छा लगा, और जब उसने दोस्ती के लिए पूछा तो उसको मना नहीं कर पाया था। पर आज जब प्यार के लिए पूछा तो अंकित डर गया।

उसने इंजिनियरिंग के एंट्रेन्स एग्ज़ॅम दिए थे और रिज़ल्ट का वेट कर रहा था। उसको नहीं पता था की वो किस शहर जाने वाला था और अभी वो आपने इंजिनियर बनाना का सपना पूरा करना चाहता था। उसको लगता था की प्यार में पड़ गया तो कुछ दिन में जब दूरी बढ़ जायागी तो यह जो दोस्ती है उसकी नेहा के साथ वो भी ख़तम हो जायागी। उसको लगता था की एक बार वो इंजिनियर बन जाए तब ही वो किसी से पायर निभा पायगा। शाम में नेहा को कॉल किया उसने पिछले रात में फोन कट करने के लिए सॉरी बोला और समझाया की हम दोस्त ही अच्छे है, एक दूसरे को कितने अच्छे से समझते है इस रिस्ते को इसी तरह रहने देते है। नेहा ने भी अंकित की मान ली।

कुछ दिन के बाद अंकित कॉलेज चला गया। कॉलेज में पढ़ाई की वजह से अब अंकित और नेहा की बात कम हो पाती। धीरे धीरे बहुत ही काम होती चली गयी। कई बार अंकित रात में नेहा को कॉल करता तो नेहा फोन नहीं उठती और कई बार नेहा को फोन बिज़ी आता। अंकित पूरी पूरी रात इन्तेजर करता की नेहा कभी तो फोन उठा लेगी पर नेहा बिज़ी ही रहती। अंकित का फाइनल यियर था, उसको नाइजीरिया में नौकरी मिल गयी। यह खुशी की बात वो नेहा को बताना चाहता था पर नेहा फोन उठाए तब तो। 6 साल हो गये थे जब से अंकित नेहा को जनता था, पर जब से अंकित कॉलेज आया था नेहा बदल गयी थी, बहुत कम ही बात करती थी। अंकित नाइजीरिया जाने से पहले एक बार नेहा को देखना चाहता था,

क्योकिं 6 साल हो गये थे और अंकित ने नेहा को कभी देखा नहीं था बस उसकी आवाज़ सुनी थी, पर नेहा तो आपनी दुनिया में मस्त थी उसको अब अंकित की फ़िक्र कहा। फ्लाइट पर जाने से पहले अंकित ने नेहा को यह मेसेज किया, “ हेलो नेहा, कई दिन से तुमको कॉल कर रहा था बात करने के लिए पर हमारी बात नहीं हो पाई, मैं तुमको बताना चाहता था की मुझे नाइजीरिया में नौकरी मिल गयी है, जाने से पहले एक बार तुमसे मिलना चाहता था एक बार देखना चाहता था पर मेरी किस्मत में यह नहीं था शयाद, पर तुम खुश रहना, वाहा नाइजीरिया से कॉल नहीं कर पयुंगा तुमको बयए।” नेहा ने जब यह मेसेज पढ़ा तो उसको दुख हुआ क्योकि अंकित ने उसका साथ हमेशा दिया था और वो भी उस से मिलना चाहती थी पर अब कुछ नहीं हो सकता था।

नाइजीरिया एक बहुत ही सुंदर देश है आफ्रिका में। अंकित पहली बार इंडिया से बाहर आया था। उसे नाइजीरिया में काम करना तो अच्छा लगता था पर यहा इंडियन कम थे और उसे हमेशा एक दोस्त की कमी लगती। नेहा को कॉल कर नहीं सकता था क्योकि उस जमाने में दूसरे देश कॉल करना बहुत महँगा होता था। अंकित को फ़ेसबुक के बारे में पता चला, उसने फ़ेसबुक पर अकाउंट बना कर नेहा को ढूंडना शुरू किया। अब दिक्कत यह थी की अंकित ने नेहा को कभी देखा ही नहीं तो जो कोई से भी नेहा मिलती उसको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता और आक्सेप्ट होने पर पूछता की क्या तुम वही नेहा हो जिसको वो जनता था। कुछ दिन तक तो नेहा नहीं मिली पर सचे मन से ढुंढ़ो तो भगवान मिल जाते है तो एक दिन उसको नेहा मिल गयी। नेहा को भी अंकित से दोबारा बात करके बहुत अच्छा लगा। अंकित ने नेहा की फोटो देखी तो देखता ही रह गया। नेहा बहुत ही सुंदर थी। अब वो दोनो फ़ेसबुक पर ही बात करते।

अंकित ने नेहा को पूछा की उसने फोन पर बात करना क्यो बंद कर दिया था, तो नेहा ने बताया की वो एक दूसरे लड़के रोहन के साथ प्यार में थी। रोहन से बात करने में वो इतना बिज़ी थी की अंकित से बात करना ही भूल जाती थी। पर रोहन अच्छा लड़का नहीं था उसने नेहा को प्यार में धोखा दिया और किसी दूसरी लड़की से प्यार करने लगा। नेहा यह सब अंकित को बताना चाहती थी पर तब तक अंकित नाइजीरिया आ चुका था और फोन पर बात नहीं हो पाई। अंकित ने नेहा को समझाया जो हो गया उसको भूल जयो और फिर से एक नयी जिंदगी स्टार्ट करो।

अंकित को अब पुरानी वाली नेहा फिर से मिल गयी थी अब वो दोबारा फ़ेसबुक पर खूब बात करते थे। पर एक दिन नेहा ने अंकित को बताया की उसके पापा मर गये और उसको अब नौकरी की ज़रूरत है क्योकि उसके पास पैसे नहीं थे। अंकित ने नेहा के बॅंक में पैसे भेज दिए, जिस से की नेहा का कुछ दिन काम चल पाए। अंकित ने जल्दी ही इंडिया में दूसरी नौकरी ढूंड कर इंडिया वापस आ गया।

यहा आते ही अंकित नेहा से मिला। अंकित ने अपने दोस्त से बात करके उसके ऑफीस में नेहा को नौकरी दिलवा दी। कुछ पैसे बॅंक से लोन ले कर एक घर खरीद दिया जिसमे नेहा आपनी मम्मी के साथ रह सके। धीरे धीरे अंकित की मदद की वजह नेहा की जिंदगी फिर से अच्छी होती गयी। पर नेहा को अपने ऑफीस में एक लड़का पसंद आ गया जिसका नाम था नितिन। नेहा फिर से नितिन से प्यार करने लगी। नेहा फिर से कुछ दिन में अंकित को दोबारा भूल गयी। नेहा ने फिर से अंकित के कॉल उठना बंद कर दिया। अंकित को फिर से बुरा लगा, पर अंकित ने जब नेहा से दोस्ती की थी तो वादा किया था हमेशा साथ निभ्एगा तो वो वही वादा निभा रहा था। अंकित कोशिश करता की नेहा से बात कर सके पर नितिन के जिंदगी में आने की वजह से नेहा ने अंकित से बात करना कम कर दिया।

कुछ साल के बाद एक दिन नेहा का आक्सिडेंट हो गया। अंकित को यह बात पता चली तो वो तुरंत हॉस्पिटल पहुच गया। आक्सिडेंट में नेहा का एक हाथ कट गया था। नेहा बहुत दुखी थी, अंकित को देख कर उसके सिने लग कर रोने लगी। अंकित ने हॉस्पिटल में नेहा की बहुत देख भाल की। कई दिन हो गये थे पर नितिन नेहा से मिलने नहीं आया। अंकित दिन रात नेहा के लिए हॉस्पिटल में रहता, उसकी दवाई देता, उसको हिम्मत देता की जिंदगी फिर से सही हो जायागी, सब अच्छा हो जायगा। नेहा कई दिन नितिन के आने का इंतेजर की, उसको फोन करती पर नितिन अब नेहा से नहीं मिलना चाहता था। हॉस्पिटल से वापस घर आने के बाद नेहा ने एक दिन नितिन को कॉल करके पूछा की अब वो क्यो नहीं आता उस से मिलने, तो नितिन ने बताया की तुम्हारा एक हाथ कट जाने की वजह से आगे की जिंदगी नहीं बिताना चाहता था तुम्हारा साथ। जब यह बात नेहा ने सुनी तो वो बहुत दुखी हुई, उसको लगा की अब कोई नहीं उस से प्यार करेगा। उसने अंकित को मेसेज किया की वो अब जिंदगी से हार गयी है और अब जीना नहीं चाहती, घर के पास जो नदी है उसमे कूदने जा रही हूँ मैं।

अंकित ने जैसे ही यह मेसेज पढ़ा जल्दी से नदी के पास पहुँच गया। उसने नेहा को शूसाइड नहीं करने दिया, उसने बोला, “की जब 10 साल पहले, जब वो एक दूसरे को जानते नहीं थे तब मरने नहीं दिया, आज तो वो उस से प्यार करता है तब कैसे मरने देगा”। नेहा कुछ समझ नहींं पाई, उसने पूछा की “अंकित तुम मुझसे प्यार करते हो ? मैने जब तुमसे कुछ साल पहले पूछा था तब तुमने मुझे माना कर दिया था और दोस्त ही रहने के लिए कहा था आज क्या हुआ”। अंकित ने कहा की उस समय वो कुछ भी नहीं था और उसे डर था की कही प्यार के वजह से दोस्ती भी ख़तम ना हो जाए। फिर कॉलेज में बताना चाहता था पर तुम फोन नहीं उठती थी, जब दोबारा इंडिया आया तब बताना चाहता था तब तक तुम नितिन के प्यार में थी इस वजह से कभी बता ही नहीं पाया। नेहा बहुत खुश हो गयी, उसने कहा “अंकित 10 साल लग गया तुमको यह बात बोलने में की तुम मुझसे पायर करते हो, चलो देर से ही सही तुमने बोला तो सही”। आज नेहा और अंकित एक साथ बहुत खुशी से है।


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