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Shantak Singh

Children Stories Tragedy


4.5  

Shantak Singh

Children Stories Tragedy


पराई खुशी

पराई खुशी

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स्कूल; स्कूल के बारे में क्या याद आता है आपको? सबकी एक जैसे ड्रेस, सुबह की प्रेयर, दोस्ती, स्पोर्ट्स, लंच और भी बहुत से चीज़े | वैसे जब तक स्कूल में पढ़ाई करते थे उस टाइम स्कूल इतना अच्छा नही लगता था | रोहन को स्कूल जाने से तो प्राब्लम नही थी, पर सुबह जल्दी उठाने उसको अच्छा नही लगता था | रोहन को बास्केट बॉल खेलना पसंद था, जो वो स्कूल के अपने दोस्तो के साथ खेलता था | पर एग्ज़ॅम्स आते ही रोहन की हालत खराब हो जाती |

रोहन क्लास 6 में था और उसके फाइनल एग्ज़ॅम शुरू हो गये थे | एग्ज़ॅम में चीटिंग ना हो इसलिए सेम क्लास के बच्चों को एक साथ नही बैठया जाता था | रोहन के बगल में 9 क्लास की रश्मि बैठती थी एग्ज़ॅम के टाइम | रश्मि टॉपर थी अपने क्लास में | सिर्फ़ पढ़ाई में नही डिबेट, डॅन्स, ड्रॉयिंग सिंगिंग सब चीज़ में बेस्ट | उस दिन मथ्स का एग्ज़ॅम था रोहन का | शुरू के कुछ सवाल तो उसने कर लिए पर उसके बाद के सवाल नही आते थे | कुछ देर कोशिश की उसने पर हार मान कर रोने लगा | रश्मि ने रोहन को रोते हुए देखा तो उसको दया आ गयी | उसने रोहन को बोला की, “मैं कुछ हेल्प करती हूँ जिस से तुम सवाल सॉल्व कर लोगे” | रोहन के हिम्मत आई और उसने रश्मि के हेल्प से काफ़ी सवाल सॉल्व कर लिए | रोहन ने एग्ज़ॅम में हेल्प के लिए रश्मि को थॅंक्स बोला और वादा किया की आगे से अच्छे से पढ़ाई करेगा | अब तो रोहन अपनी रश्मि दीदी (रोहन के स्कूल में सीनियर लोगो को भइया और दीदी ही बुलाते थे) से बहुत इंप्रेस हुआ और उनके जैसे बनाने की कोशिश करता | वो देखता की आए दिन रश्मि कोई ना कोई अवॉर्ड जीत जाती | शुबह की प्रेयर में प्रिन्सिपल उसकी तारीफ करती | स्पोर्ट्स दे पर क्रिकेट के मैच में आखरी बॉल पर विकेट ले कर मैच जीता दिया अपनी टीम को | ऐन्युअल फ़ंक्शन पर उसके डॅन्स देख कर चीफ गेस्ट ने उसकी अलग से तारीफ की | रश्मि को देख कर लगता की जैसे उसकी लाइफ पर्फेक्ट है |

एक शाम को रश्मि अपने रूम में पढ़ाई कर रही थी | उसकी मम्मी उसके पास आई और बोली, “बेटा अब पढ़ाई बंद कर दो, अब कोई फ़ायदा नही है पढ़ाई करके, आज रात में हम सबको मरना है, आज पूरी फॅमिली सूअसाइड करेगी रात में” | रश्मि यह बात सुन कर शॉक हो गयी, उसने पूछा मम्मी ऐसे क्यो बोल रही हो, मम्मी क्यो मरना है हम सब लोगो को | रश्मि की मम्मी ने बताया, “बेटा तुम्हारे पापा ने किसी आदमी से 20 लाख रुपी उधार लिए थे, बिज़्नेस में काफ़ी नुकसान हो गया है और अब पापा के पास रुपय नही है वापस करने के लिए, जिनसे रुपय लिए है वो लोग बुरे लोग है, वो लोग अगर रुपय वापस नही मिले तो हम सब लोगो को वैसे भी मार देंगे, और वो लोग बहुत बुरी तरीके से मारेंगे, पहले घर की लेडीज़ को रेप करेंगे और फिर तडपा तडपा कर मार देंगे, इसलिए अच्छा यही है की हम सब लोग ज़हर खा कर आज रात में मर जाए” | यह बात रश्मि का छोटा भाई निखिल जो 4 साल का था सुन रहा था, वो मम्मी के पास आ कर बोला, मम्मी मरना क्या होता है? मम्मी के आँखों में आंशु आ गये थे, मासूम निखिल के मासूम सी बातें सुन कर उनको समझ में नही आ रहा था की क्या जवाब दू | मम्मी ने निखिल को समझाया की बेटा मरना एक तरीके से सोना जैसे होता है जिसमे बहुत दिन के लिए सोते रहते है | रश्मि यह सब बातें सुन कर डर कर रोने लगी |

शाम के 5 बाज रहे थे, रश्मि की फॅमिली शाम की चाय और रात का खाना एक साथ खाया करती थी | रश्मि के पापा ने सभी फॅमिली के लोगो को बताया बिज़्नेस में नुकसान और 20 लाख उधार के रुपय के बारे में | उन्होने बोला आज रात को हम सब लोग मर जाएँगे ज़हर खा कर | आप सब लोग कुछ देर का समय है जो भी काम है आखरी समय में कर लजिये | रश्मि के दादा दादी, चाचा चाची सब यह बात सुन कर दुखी हो गये | पर वो लोग भी जानते थे की जिनसे रुपय उधार लिए है ओ लोग बहुत ख़तरनाक थे इसलिए रश्मि के पापा की बात मानना ही सही समझा | रश्मि के दादा जी ने गीता की किताब पढ़ना शुरू किया | रश्मि की दादी ने अपनी बेटी को फोन किया, जो लव मॅरेज करने के लिए घर से भाग गयी थी और रश्मि की पूरी फॅमिली ने इस वजह से उनसे नाता तोड़ लिया था | पर इन आखरी समय में दादी ने फोन करके अपनी बेटी को माफ़ किया और खुश रहने के लिए कहा | रश्मि के चाचा जी अपने सभी दोस्तो से एक आखरी बार मुलाकात करने के लिए चले गये | पूरी फॅमिली मारने से पहले एक आखरी बार सब चीज़े कर लेना चाहती थी | रश्मि को रो रो कर बुरा हाल था | कितने सारे सपने देखे थे उसने, बहुत कुछ करना चाहती थी पर अब जब कुछ घंटे बाद मरना है तो क्या करे वो | रश्मि अपने रूम में जा कर अपने पुराने फोटो, अवॉर्ड देख देख कर उन पुराने लम्हो को फिर से एक बार जीने की कोशिश कर रही थी |

रश्मि के पापा बाहर से ज़हर ले आए और मम्मी को देते हुए कहा की खीर बना लो और उसमे यह ज़हर डाल देना | रश्मि की मम्मी ने आज सबकी पसंद का खाना बनाया और वो खीर भी जिसको खा कर सभी लोग मरने वाले थे | रात के 9 बजे सभी लोग एक साथ खाना खाने के लिए बैठ गये | रश्मि के पापा ने बताया सब लोग खाना खाने के बाद खीर खा लेंगे जिसमे ज़हर है, जिससे थोड़ी देर बाद सब लोग मर जाएँगे | रश्मि ने किसी तरह खाना तो खा लिया पर खीर खाने की हिम्मत नही हो रही थी | उसने बोला की वो खीर थोड़ी देर बाद खा लेगी और निखिल को भी खिला देगी | यह बोल कर वो अपने कमरे में चली गयी | बाकी सभी लोग खीर खा कर अपने कमरे में सोने चले गये | रश्मि बहुत दुखी थी और वो सोच नही पा रही थी की क्या करे | निखिल उसके पास आ कर उसके गोदी में सोने लगा | रश्मि ने जब निखिल को देखा तो उसने सोचा की वो इस तरह से अपनी और निखिल की जिंदगी खतम नही करेगी | उसने सोचा वो ट्यूइशन पढ़ा लेगी, कुछ लोगो के घर पर सॉफ सफाई का काम कर लेगी और किसी तरह से अपनी और निखिल की पढ़ाई पूरी करके एक अच्छी लाइफ जी लेगी पर ऐसे नही मरगी | यही सब सोच रही थी की आचनक निखिल के मूह से सफेद झाग आने लगा | रश्मि ने याद किया की उसने निखिल को खीर नही खिलाई तब कैसे निखिल मर रहा है | कई बार निखिल को शाम में भूख लग जाती थी इसलिए वो शाम में ही जो खाना बन रहा होता वो खा लेता था | निखिल ने रश्मि के सामने ही दाम तोड़ दिया और उसके मरते ही रश्मि की आशा भी टूट गयी | वो भाग कर अपने मम्मी के कमरे में गयी | पापा मम्मी भी मर चुके थे | चाचा चाची भी मार चुके थे | दादा जी भी मार चुके थे पर दादी ज़मीन पर गिरी हुई थी | उन्होने रश्मि को पास बुला कर बोला बेटा भाग जाओ यहाँ से, अपना जीवन बचा लो, कुछ बड़ा करना जिंदगी में, यह कहते कहते दादी भी मर गयी | रश्मि का रो रो कर बुरा हाल हो गया, एक कमरे से दूसरे कमरे में जाती, अपनी फॅमिली को मरा हुआ देख कर रोती | धीरे धीरे रश्मि ने भी हार मान ली क्योकि जीने के लिए अब उसके पास कोई आशा ही नही बची थी | उसने भी जा कर ज़हर वाली खीर खा ली | कुछ देर में वो भी मर गयी |


अगले दिन स्कूल में प्रेयर के समय प्रिन्सिपल ने पूरे स्कूल को रश्मि और उसके पूरे फॅमिली की मरने की खबर बताई | रोहन ने जब यह बात सुनी तो उसको विश्वास ही नही हुआ | उसने सोचा की रश्मि तो हर समय खुश रहती थी उसको ऐसा कौन सा दुख था जिसकी वजह से उसने सूअसाइड कर लिया | पर वो खुशी जो रश्मि को चेहरे पर दिखती थी वो पराई खुशी थी |






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