बम
बम
प्रिय अभिभावक
आज सुबह स्कूल में बम होने की धमकी के संबंध में एक ईमेल प्राप्त हुआ है। ऐसे में एहतियात के तौर पर छात्रों को जल्दी घर भेजने का निर्णय लिया है जो छात्र माता-पिता या निजी वाहन से घर जाते हैं उनके अभिभावकों से अनुरोध है कि अपने बच्चों को तुरंत स्कूल से ले जाने का प्रबंध करें। स्कूल बस प्रयोग करने वाले अभिभावक, कृपया अपने को बस स्टॉप से प्राप्त करें।
मैंने जैसे ही यह सूचना व्हाट्स एप पर पढ़ी, मैं बुरी तरह घबरा गई। हाथ पैर कांपने लगे, सांसे तेज तेज चलने लगी। घर में कोई नहीं था। बच्चों को लाने की जिम्मेदारी मुझ पर थी। किसी तरह स्वंय को सम्भाला, पानी पिया, अपना पर्स उठाया और बच्चों के स्कूल के लिए निकल गई। घर से बाहर निकलते ही आटो लिया। उसने किराया भी ज्यादा बताया था। पर इस समय सिर्फ अपने बच्चों तक पहुंचने की जल्दी थी। रास्ता बहुत लंबा लग रहा था। जैसे जैसे स्कूल की ओर बढ़ रहे थे वैसे ही भीड़ बढ़ती जा रही थी। स्कूल से थोड़ा पहले सड़क गाड़ियों से भरी हुई थी। चारों तरफ जाम लगा हुआ था। गाड़ियां आगे बढ़ने का नाम नहीं ले रही थी। पहले तो मैं आटो में ही बैठी रही पर उसमें भी बैठना दुश्वार हो रहा था। मेरे चारों तरफ बहुत सारे पैरेंट्स थे जो बच्चों को लेने जा रहे थे। जाम को लेकर उनके चेहरों पर भी झल्लाहट थी। वे अपनी गाड़ियों से निकल कर रास्ता साफ होने का इंतजार कर रहे थे। मुझे वहां बैठना सहन नहीं हो रहा था। मैंने आटो वाले को पैसे दिए और वहाँ से पैदल ही स्कूल पहुंचने का निर्णय लिया।
हांफती हांफती स्कूल पहुंची, स्कूल के बाहर पैरेंट्स और बच्चों की भीड़ थी। छोटे बच्चे जो शायद छटी, सातवीं के होंगे, रो रहे थे। कुछ बदहवास से खड़े थे कि क्या करें। प्राइमरी के बच्चे स्कूल के मैदान में बैठे थे। मैंने अपने बच्चों को साथ लिया और स्कूल से बाहर निकल गई। बाहर बहुत बच्चे अपने घरों में फोन करने के लिए मोबाइल मांग रहे थे। मैंने बहुत सारे बच्चों के घरों में फोन किया। कुछ ही दूरी पर पुलिस वाले भी फोन से बच्चों की बात करवा रहे थे। मैं अपने आस पड़ोस के बच्चों को साथ लेकर घर चल दी।
मगर रास्ते भर मेरे मन मस्तिष्क में बम की बात घूमती रही। जिसने यह ईमेल भेजा वह व्यक्ति कैसा होगा। क्या वह सामान्य है शायद नहीं। वह विकृत मानसिकता से ग्रस्त हैं। क्या उसका परिवार होगा? क्या उसके बच्चे, पत्नी, भाई, बहन होंगे? क्या ऐसा करने से पहले उसके अन्तर्मन ने सहमति दी होगी?
और यदि वास्तव में स्कूल में बम होता तो क्या होता।
