बेरोजगार और भिखारी
बेरोजगार और भिखारी
बेरोजगार युवक था जिसे जॉब की जरूरत थी 1 दिन उसे इंटरव्यू का कॉल आता है मगर वह जगह उसके घर से 50 से 60 किलोमीटर दूर होती है मगर जॉब की उसे बहुत जरूरत होती है दूसरे दिन हो तैयार होकर चौराहे पर आ जाता है मगर बस के लिए उसके पास पर्याप्त पैसा नहीं होता है बाजू में ही मंदिर के पास बैठे हुए एक बुजर्ग भिखारी उसे देखता है और उसे पूछता है बेटा तुम्हें कुछ अड़चन हो तो मुझे बताओ पहले तो युवक उसे इग्नोर करता है बार-बार पूछने पर वह उसे बताता है तभी भिकारी अपने पास के पास ₹500 उसे देता है और कहता है बेटा यह पैसा तुम रख लो तुम इंटरव्यू दे देना तुम जरूर सिलेक्ट हो जाओगे मुझे इस पैसों की जरूरत नहीं तुम जाओ लड़का पैसा लेकर इंटरव्यू देने जाता है और इंटरव्यू में अच्छे से सिलेक्ट होने पर वह जब खुशी की बात बताने चौराहे पर आता है तभी कुछ लोगों की भीड़ वहां पर देखता उसे देखकर लड़का कुछ परेशान होता है और लोगों से पूछता है क्या हुआ है यहां पर एक बुजर्ग भिखारी बैठता था आज उसकी मौत हो गई है क्योंकि उसने दवाई नहीं ली थी उसके पास पैसा नहीं था यह सुनकर युवक की आंखों में आंसू आ जाते हैं क्योंकि उसके दवाई के पैसे उसने उसके इंटरव्यू को दे दिए थे और युवक रो पड़ता है।
क्या हमारे कर्म उस भिकारी जैसे होने चाहिए, आप लोग हमे आपकी राय बताए।
