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Shambhu Amlvasi

Tragedy

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Shambhu Amlvasi

Tragedy

अट्रैक्शन

अट्रैक्शन

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तुम्हें याद है माही, छः महीने पहले जब हम मिले थे और तुमने मुझसे कहा था कि देखों अमर ये जो तुम मुझे रोज़-रोज रोमांटिक मैसेज करते हो न ये कारनामे बन्द कर दो। मैंने तुमसे कह दिया है न, मुझें ये सब पसन्द नहीं, और ये प्यार व्यार कुछ नहीं होता, ये सिर्फ अट्रैक्शन होता है जो कुछ दिनों बाद दम तोड़ देता हैं और वैसे भी मैं ऐसे ही खुश हूं, मुझे नहीं फँसना इस सोना बाबू वाले लफड़े में।

और एक बात सुन लो प्यार मांगने से नहीं मिलता वो तो हो जाता है और जिसे तुमसे न हो उससे तो कभी नहीं करना चाहिए। तुम्हें फेसबुक और व्हाट्सअप से ब्लॉक कर रही हूं।

तुम्हारी बातें अब पागलपन बन चुकी है और मुझे ऐसे इंसान पसंद नहीं।

मैं टूट गया था तुम्हारी इन बातों से, कई दिन अपने ही कमरे में बंद था मैं। अपना चेहरा छुपाने में लगा था, महीना हो गया था कॉलेज न जाते हुए। सोचा था एक बार तुम फिर बात कर लोगी पर काफी देर कर दी तुमने फिर से बात करने में। तुमने सही कहा था ये सिर्फ अट्रैक्शन है और कुछ नहीम

इस अट्रैक्शन का सच में दम घुट गया था उस अकेले बन्द कमरे में।


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