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Gursimran kaur Michra

Inspirational

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Gursimran kaur Michra

Inspirational

यह दीवार

यह दीवार

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यह दीवारें क्या लिखा है

दीवारों और दरख्तों पर

कुछ किस्से

कुछ सबूत


उस पुराने इतिहास की

जिसकी न मैं गवाह ना तुम

रंग उतरे इन स्तंभों पर

कई कहानियाँ जागती


इधर उधर

रात के पहर

अनायास ही नज़र पड़ी जब उन पर

सोचने लगा मन


क्या कहना चाहती है

यह दीवारें सालों से खड़ी

जीती जागती ,

मूक दर्शक बनकर !


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