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Mahesh Garg

Abstract

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Mahesh Garg

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ये हौसला

ये हौसला

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पंख फैलाए जा,

उड़ान भरता जा 

आसमान को समटते जा

बस ये हौसला तू रखता जा।


सपनो वाली मंजिल

भी मिल जाएगी 

उस शिखर तक भी

पहुँच जाएगा 

बस ये हौसला तू रखता जा।


कुछ तो लोग कहेंगे

और सुनाये गये ही 

लोगों का तो काम ही

ऐसा वैसा करना 

बस ये हौसला तू रखता जा।


मेहनत करता जा,

थकान को पीछे छोड़ता रह 

वो एक दिन आ जाना,

मन चाहे फल देने वाला

बस ये हौसला तू रखता जा।


इस वक्त्त के लिये खुद का

साथी खुद बनता जा 

हर कोई मिल जाएगा

सही वक़्त आ जाने पर 

बस ये हौसला तू रखता जा।


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