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Sanjay Kapila

Romance Fantasy

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Sanjay Kapila

Romance Fantasy

यादों की ख़ुशबू

यादों की ख़ुशबू

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वो तुम्हारा इतना महकना मुझमें

बादलों सा आ कर बरसना मुझमें


मुंह मोड़ भी लूं कभी खफा होकर

पर सताता है तेरा यूँ बसना मुझमें।


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