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Author Rahul Kumar

Romance

3  

Author Rahul Kumar

Romance

waada Poem Author Rahul Kumar

waada Poem Author Rahul Kumar

1 min
9

" मोहब्बत का परिंदा हूँ,

अपने घोंसले को कैसे छोड़ दूंगा,

लाख खिलाफ हो जाये ये ज़ालिम दुनियाँ,

मैं कभी पीछे नहीं हटूँगा,

राँझे का वादा रहा अपनी हीर से,

अगर देनी पड़ी अपनी जान तो,

मुस्कुरा के दे दूंगा,

मगर कसम हैँ तुम्हारी मेरी प्रिय हीर,

अगले हर जन्म तक,

मैं सिर्फ तुम्हारा ही रहूंगा...। "🥹❤️💔

Author Rahul Kumar 


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