STORYMIRROR

jyoti singh

Drama

3  

jyoti singh

Drama

वो रात

वो रात

1 min
184

ठण्ड में कड़कड़ाते बच्चो को देखा

उस ठण्ड में पतले से कपड़े में मुस्कुराते देखा।


उनकी आँखों में लाचारी के दुःख को देखा

पर होठों पर उनकी हँसी को देखा।


उस दिन मैंने जिंदगी जीने का तरीका देखा

जिंदगी में खुशी की अहमियत को देखा।


उनकी चंचलता में मैंने उस खुदा को देखा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from jyoti singh

Similar hindi poem from Drama