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Riddhi Purohit

Abstract

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Riddhi Purohit

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वक्त

वक्त

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कुछ चलता सा,कुछ ठहरा सा वक़्त,

बहुत कुछ रोकता,

तो कुछ रफ़्तार सा वक्त।

वो मुझे रोके,

या मैं उसे थामूँ,

ऐसी ही जद्दोजहद में,

मैं और वक्त।



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