वीर शहीदों की कुर्बानी....!!!
वीर शहीदों की कुर्बानी....!!!
यारों आज फिर से याद किया जाए
क्यों ना वही इतिहास दोहरा दिया जाए
इतिहास की इमारतें देखते हैं हम
देखते हैं उनकी उस निशानी को
फिर क्यों हम लोगों ने भुला दिया
उन वीर शहीदों की कुर्बानी को
घर-घर तिरंगे का सम्मान रहे
हिंदुत्व की पूरी शान रहे
उन वीरों का यह जो देश है
मातृभूमि से नहीं वह बढ़कर देता यह संदेश है कुर्बान हुए जो शूरवीर अपने वतन पर
सज़दे पर रख के नेता भी झुकाते हैं सर उनके कफन पर
मेरा सर्वस्व इस माटी को अर्पण है
वीरों की कुर्बानी का यह आज़ाद देश दर्पण है
ऐसा था वह वीर सुखदेव
प्राण न्यौछावर करने को तत्पर रहता था सदैव
जन्मा था इस माटी पर वो राजगुरु
जिसने लाज रखी इस माटी की
जिसने जीवन के अंतिम क्षण तक बचाए रखी हिंदुत्व की आबरू
हमारे थे वह खुदीराम बोस
जिन्होंने उड़ा दिए थे अंग्रेजों के होश
वीरता की अद्भुत निशानी थे वह वीर भगत सिंह और चंद्रशेखर
अंग्रेजों पर हुआ था उनका कुछ ऐसा असर
उनके हौसले की फैली हुई थी पूरे हिंदुस्तान में खबर
सरदार उधम सिंह थे जो साहस से परिपूर्ण
माइकल ओ डायर को विदेश में जाकर गोली मारकर
शपथ की जिन्होंने अपनी पूर्ण
उन वीरों का यह देश है
मातृभूमि से नहीं है बढ़कर प्राण देता यह संदेश है
मिलकर तोड़ी थी उन्होंने गुलामी की जंजीर
अपने हाथों लिखी थी स्वयं जिन्होंने अपनी तकदीर
उनके हौसले यूँ बुलंद रहे
अंग्रेजों के भी मुँह उनके आगे बंद रहे
आंखों में उनके सुलग रहे थे अंगारे
दिल में भड़की हुई थी ज्वालाएँ
कुर्बान हुए जो उनकी थी वो अद्भुत गाथाएं
उन वीरों की आजादी की जल रही है ज्योति अखंड
फैली हुई है इन फिजाओं में आजादी की सौगंध
बेशक आज़ादी के लिए उन्होंने थोड़ा ही जिया हो जिंदगी का सफर
लेकिन हमारे दिलों में हमेशा रहेंगे वो वीर अमर
मातृभूमि पर वो फ़िदा हो गए
आजादी के लिए हंसते-हंसते अलविदा हो गए
जिन्होंने "मातृभूमि प्रेम" का संदेश दिया हम सबको
आज भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हैं हम उनको...!!!!
