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Gaurav Hindustani

Romance

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Gaurav Hindustani

Romance

वैलेंटाइन का उपहार

वैलेंटाइन का उपहार

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उनके मिलने का अंदाज़

निराला लगा

वो मिले हमसे ऐसे जैसे

अंधेरे से उजाला मिला।


आँखों में दीदार लिए

होठों पे इज़हार लिए

वो मिलने आई हमसे

वैलेंटाइन का उपहार लिए।


जो देखा उनको

कुछ निखर गये थे हम

पाकर उपहार उनसे

खुशबू सा बिखर गये थे हम।


कुछ पल वो हमे देखती रहीं

शायद कुछ कहना चाहती थी

हमसे

प्यार का तीर दिल से पार कर

गया जब

जाते जाते आई लव यू कहा था

हमसे।


उनके मिलने का अंदाज़

निराला लगा

वो मिले हमसे ऐसे जैसे

अंधेरे से उजाला मिला।


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