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Mohit Solanki

Romance

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Mohit Solanki

Romance

उसको उसके हाल में छोड़ दे

उसको उसके हाल में छोड़ दे

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छोड़ गया है तुझे वो तो तू रोती क्यों है,

अगर बुरे सपनो का डर है तुझे तो तु सोती क्यों है,

चला गया तो जाने दे उसका जिक्र भी अब छोड़ दे,

वो तो तेरा था हि नहीं अब उसको उसके हाल में छोड़ दे।


दिन है तो रात आएगी रात है तो दिन भी जरूर आएगा,

अगर है वो तेरा अज़ीज़ तो तुझसे ज़रा दूर नहीं रह पाएगा,

अब उसकी छोटी छोटी खुशी के लिए खुद का मन मारना छोड़ दे ,

कुछ खुशियां खुद के लिए बटोरना शुरू कर और उसको उसके हाल में छोड़ दे।


हर दिन एक जैसा नहीं होता है,हर दिन कोई किसी ना किसी को खोता है,

कुछ गलतियां तो दोनों से होती है पर रिश्ता तोड़ने के लिए तो गलती सिर्फ इक बहाना होता है,

रिश्ता उससे फिर से जोड़ने का कभी मन करे तो उन उम्मीदों को अब तु तोड़ दे,

अपनी नई ज़िंदगी के आशियाने कि नींव रख और उसको उसके हाल में छोड़ दे।


जिस वक़्त को कोस रहे हो तुम उसी ने तुम्हारे हमसफ़र के चेहरे से बेवफाई का परदा उठाया है,

बदकिस्मत ना समझ खुद को तुझे तो उसी वक़्त ने बेवफाई के प्यार वाले सपने से जगाया है,

वक़्त के साथ जो हुआ था,जों हुआ है और जो होगा उसे वैसा हि होने दे,

तुने तो हर पल अपने प्यार को मुक्कमल किया... बस अब उसको उसके हाल में छोड़ दे।


उसके साथ रह कर तुने खुद की कुछ ख्वाहिशें तो कुछ फरमाइशें भी तोड़ी है,

ये रिश्ता तो इक तरफा हि था पर तुने हमेशा उसे संझो कर हर इक छोटी कड़ी को जोड़ी है,

बदकिस्मती भी अब किस्मत के राज़ खोल रही है तो उसे खोलने दे,

तु चुप रहले फिर भी उसे जवाब मिल जाएगा बस तु उसको उसके हाल में छोड़ दे।



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