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bhandari lokesh

Romance

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bhandari lokesh

Romance

उन्हें आदत थी

उन्हें आदत थी

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उन्हें आदत थी हर किसी को चाहने की

हमें चाहत थी सिर्फ उन्हीं को पाने की,

वो कहते रहे हमें इश्क़ है तुमसे

हम बेवज़ह जिद कर बैठे उन्हें अपनाने की,

मालूम था वो मुसाफिर है शहर-ए-सर्कस का

हम पागल जोकर कोशिश करते रहे मुस्कुराने की,

अजीब इत्तेफाक़ था हमारी कहानी में

उन्हें हमसे भी प्यार था,

हमें सिर्फ उनसे ही प्यार था

वो रोते रहे गले लगाकर हमें

और हम कहानियाँ सुनाते रहे उन्हें हसाने की,

वो कहते रहे हमें इश्क़ है तुमसे

हम बेवज़ह जिद कर बैठे उन्हें अपनाने की!


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