Soukhin Chakraborty
Romance
हवा में तू,
फ़िज़ा में तू,
दूर हो के भी क़ुरबत में तू,
मेरा तक़दीर तू,
मेरा हक़ीक़त तू,
मेरा जुस्तजू तू,
मेरा नफ़्स भी तू,
मेरा फ़ितूर भी तू,
मेरा जूनून तू,
मेरा नूर तू,
मेरा हूर भी तू।
तू
अपनों ने लड़ते, झगड़ते महाभारत की कितनी कथाएँ लिख डालीं। अपनों ने लड़ते, झगड़ते महाभारत की कितनी कथाएँ लिख डालीं।
तेरे साथ साथ चलके एक आशियाँ बनाऊँ मेरे करीब आओ , एक राज मैं बताऊँ !! तेरे साथ साथ चलके एक आशियाँ बनाऊँ मेरे करीब आओ , एक राज मैं बताऊँ !!
किसी और ख़्वाब को थोड़ी सी जग़ह भी न देना चाहे , ये बावरे दो नयन हमारे। किसी और ख़्वाब को थोड़ी सी जग़ह भी न देना चाहे , ये बावरे दो नयन हमारे।
उस गीत के बोल प्यारे थे, मेरे गांव की गलियों में जो गूंजे थे। उस गीत के बोल प्यारे थे, मेरे गांव की गलियों में जो गूंजे थे।
सर्द रातों में तेरी छुअन से लगी है अगन। सर्द रातों में तेरी छुअन से लगी है अगन।
आज ही तुमने संसार को दिया एक अनुपम उपहार, आज ही तुमने संसार को दिया एक अनुपम उपहार,
ये नीम सर्दी की बेहद सर्द और लंबी लंबी रातें , मुझसे करती रहती हैं हर रात यही शिकायतें। ये नीम सर्दी की बेहद सर्द और लंबी लंबी रातें , मुझसे करती रहती हैं हर रात यही...
सुनो ना मेरी जान, मै तुम्हारे रंग में रंग जाना चाहती हूँ। सुनो ना मेरी जान, मै तुम्हारे रंग में रंग जाना चाहती हूँ।
प्रणयसिक्त स्त्री की पलकों में जो लाज उतर आई है, प्रणयसिक्त स्त्री की पलकों में जो लाज उतर आई है,
आई बेला आजमाइश की , जमाने में अपना इश्क जताने की , आई बेला आजमाइश की , जमाने में अपना इश्क जताने की ,
प्यार के धोखे जीवन मे वो खालीपन ले आये थे। प्यार के धोखे जीवन मे वो खालीपन ले आये थे।
मुसलसल उदासी का सफर और तेरा अचानक मिलना। मुसलसल उदासी का सफर और तेरा अचानक मिलना।
ठंड बहुत अधिक, सब खिड़की दरवाजे, बंद कर, बैठा हूं अंदर। ठंड बहुत अधिक, सब खिड़की दरवाजे, बंद कर, बैठा हूं अंदर।
तुमने निश्चल नेह दिया मैं उसकी कदर न कर पाई। तुमने निश्चल नेह दिया मैं उसकी कदर न कर पाई।
तुम्हारे दिल के साथ ताल मिलाकर, इश्क के मधुर तराने गाया करें । तुम्हारे दिल के साथ ताल मिलाकर, इश्क के मधुर तराने गाया करें ।
तेरी अगन एक रोग है प्रीतम पर भय बिरह का मन भटकाए। तेरी अगन एक रोग है प्रीतम पर भय बिरह का मन भटकाए।
हमेशा वक़्त की शिकायत मत करो सभी लम्हों को एक ही तराज़ू से न तोलो। हमेशा वक़्त की शिकायत मत करो सभी लम्हों को एक ही तराज़ू से न तोलो।
काश! मैं तेरे हाथ की, लकीर बन पाता। काश! मैं तेरे हाथ की, लकीर बन पाता।
कुछ लोग कहते हैं उदासी तन्हाई की कोख से जनम लेती है। कुछ लोग कहते हैं उदासी तन्हाई की कोख से जनम लेती है।
हुस्न रहता है जब बा पर्दा हसीनाओं का। इससे चेहरे की लताफ़त पे असर पड़ता है। हुस्न रहता है जब बा पर्दा हसीनाओं का। इससे चेहरे की लताफ़त पे असर पड़ता है।