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Vijay Kumar parashar "साखी"

Romance

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Romance

तू

तू

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मैं तेरे शहर में अनजाना हूँ

प्यार में मुझे ना ठुकराना तू

तेरा दीवाना कई जन्मों से हूँ

दिल से कभी ना बिसराना तू

आस मेरी सिर्फ़ तुझसे है साखी

मुझे कभी भी न भूल जाना तू

यादो में बस तेरी खोया रहता हूँ

मुझे अपने ख्वाबों से न हटाना तू

मेरा दिल एक मासूम सा फूल है

फूल को कभी न तोड़ जाना तू

मेरा इश्क़ जिस्म से नही रूह से है

मुझे बस अपनी साँसो में रमाना तू



साहित्याला गुण द्या
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