तू बढ़ चल अपने सपने की ओर
तू बढ़ चल अपने सपने की ओर
आँखों में - उम्मीद लिए दिल नई धड़कन लिए
तू बढ़ चल अपने सपनों की ओर
लाख मिले काले बादल
उन बादलों से लड़कर
तू बढ़ चल अपने सपनों की ओर
तू एक नई उड़ान भर
आसमां को छूने की चाहत रख,
सूर्य जैसा चमकने के लिए
तू सूर्य जैसा तप
बन जा तू अंधेरे की रोशनी
जगमगा उठ पूरे विश्व में
हर तरफ सुनाई दे तेरी
विजय का शोर
हृदय में एक नई जोश लिये
इन हाथों की लकीरी से तू आगे निकल
लिख दे अपनी तकदीर अपने हाथों से
छोड़ दे उन अंधेरी रातों को
राहो की कठिनाइयों को पार कर
तू बढ़ चल अपने सपनों की ओर।
