तैयार हूँ मैं
तैयार हूँ मैं
तू भेज परेशानी लाख
उनसे लड़ने को तैयार हूँ मैं ।
चुने के अपना लक्ष्य
उसे पाने के लिए मैं तैयार हूं।
हार चुकी हूँ जिंदगी से
फिर भी जीने को तैयार हूँ मैं।
समुद्र की गहराइयों से
ऊपर उठने को तैयार हूं मैं ।
इन हवाओं से तेज
चलने से तैयार हूं मैं।
आज दिल में जोश लिये
होंठों पे मुस्कान लिए
आँखों में उम्मीद लिये
इन हाथों से अपने मकाम
लिखने को तैयार कर हूँ मैं।
