STORYMIRROR

Shiqran Sharfuddin

Romance

2  

Shiqran Sharfuddin

Romance

तुम खूब लग रही हो

तुम खूब लग रही हो

1 min
163

हँसते, हँसते, हँसते, हँसते

जादू चला रही हो,

तुम खूब लग रही हो! तुम खूब लग रही हो! 


खुलती हुई यह ज़ुल्फ़ें, झुकती हुई यह नज़रें,

यह हिरनी जैसी चालें, यह मोर सी अदाएं,

कैसे, कैसे, कैसे, कैसे

नखरे दिखा रही हो 

तुम खूब लग रही हो! तुम खूब लग रही हो! 


रंगें भरी बहारें, खुशबू भरी फिज़ाएं,

लगते हैं आप जैसे, यह चाँद यह सितारे,

खेलते, खेलते, खेलते, खेलते

जीवन में आ गयी हो 

तुम खूब लग रही हो! तुम खूब लग रही हो! 


हँसते, हँसते, हँसते, हँसते

जादू चला रही हो,

तुम खूब लग रही हो! तुम खूब लग रही हो! 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance