तट की यात्रा
तट की यात्रा
कोई समुद्र शुरुआत मैं डुब जाता है।
कोई बीच मझधार में डुब जाता है।
कोई समुद्र के किनारों मैं डुब जाती है
उसे तट को देखने का सुख जरूर मिलता है
पर तट का सुख तो
तट पहुँचने पर ही मिलता है
कोई समुद्र शुरुआत मैं डुब जाता है।
कोई बीच मझधार में डुब जाता है।
कोई समुद्र के किनारों मैं डुब जाती है
उसे तट को देखने का सुख जरूर मिलता है
पर तट का सुख तो
तट पहुँचने पर ही मिलता है