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ସନାତନ ଦାସ

Romance

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ସନାତନ ଦାସ

Romance

तेरी याद

तेरी याद

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उस दिन मेरी आंशू बारिश में बह गया,

मेरे लिए तुम्हारा प्यार कहीं खो गया,

कसम खाई थी तुमने मेरे आंखों में आसूं ना देखने की,

आज वो कसम कहां चला गया..?


आज रात बहोत लंबी हो रही हे,

खुली आंखों में नींद नहीं आ रही है,

तेरी यादों में ये पल पल दिल रोता हे,

कैसे संभालू इस दिल को

वो सोता न सोने देता हे..?


शिकायात क्या करू तुझसे

यहां धोखा ही हे फितरत,

में उसे चाहता हूं जो

मुझसे करता है नफ़रत...!


आज वो बहुत खुश है,

बीते हुए दिन को भुलाकर,

हे ऊपरवाला उसे खुश रखना

मेरी आंसू को उसकी खुशी में बदलकर...!!


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