स्वतंत्रता
स्वतंत्रता
स्वतंत्रता की बात ना कर
उन वीरों को आघात ना कर
जिसने देश के खातिर अपनी जान गंवा दी फिर
उन वीरों का कर्ज चुका सकता ना कोई
जिसने आजादी के खातिर सूली पर चढ़ गए कई
एक बार भी यह न सोचा एक बार भी ना सोचा
मौत को गले लगा दिया यह कहकर
अब भी जिसका खून ना खौला खून वह नहीं पानी है देश के काम ना आए बेकार वह जवानी है
उठो अब भी आंखें खोलो देखो उन वीरों को
जो कभी सरहद पर खड़े बंदूक को लेकर
अपने देश की रक्षा के लिए अपनी जान दांव पर
ना कोई खुशी ना कोई गम
सब कुछ भुला कर स्वतंत्रता की कीमत वीरों ने चुकाई अपनी जान देकर
अनेक वीर ऐसे ही हमें दिलाने के लिए आजादी अपनी जान गंवा दी
यह कहकर इंकलाब जिंदाबाद भारत माता की जय।
