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Krishna Kumar Patel

Abstract

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Krishna Kumar Patel

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सुनो मोदी जी

सुनो मोदी जी

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सुनो मोदी जी,

किसानों की पुकार,

सुनो मोदी जी,

ट्रेक्टर पर सवार,

आये आपके द्वार,

सुनो मोदी जी।


हठ मत करिए,

कृषि बिल वापस लीजिये,

जबरदस्ती किसानों का कल्याण,

मत कीजिये सरकार,

सुनो मोदी जी।


वादा किया आपने,

आय दोगुनी करने का,

कीमत हो गई आधी,

पहन कर खादी,

बदले रूप हजार,

सुनो मोदी जी।


छप्पन दिन बीत गए,

बैठकों से रीत गए,

छप्पन इंची सीने से,

पूंजीपति जीत गए,

खूब किया व्यापार,

सुनो मोदी जी।


ये अन्नदाता हैं,

सब सुख त्राता हैं,

इनकी हिम्मत का,

न आपको अंदाजा है,

खूब किया सत्कार ,

सुनो मोदी जी।


जोतकर खेत को,

पालने को पेट को,

अन्न उपजाते हैं,

अन्नदाता कहलाते हैं,

जाओगे हार ,

सुनो मोदी जी।


किसान भाइयों पर,

डंडे की मार,

वाटर कैनन से बौछार,

आप पर रहेगी उधार,

सुनो मोदी जी।


ठंड में ठिठुर रही,

जन आकांक्षाएं,

तोड़ा वादा और 

तोड़ी भावनाएं,

बीच बाजार,

सुनो मोदी जी।


अभी सब शांत हैं,

जब उग्र रूप धारेंगे,

किसानों को घर बुलाकर,

आप खुद ही चरण पखारेंगे,

सुनो मोदी जी।


हम भी देखेंगे हिम्मत,

देखेंगे ताकत,

जब आएगा वक्त,

तुम्हें देंगे पछाड़,

सुनो मोदी जी।

  


   

    


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