सशक्त हुई नारियां
सशक्त हुई नारियां
भ्रूण हत्या, बाल विवाह की
शिकार हुई है नारियां,
घरेलू हिंसा, ताना-बाना
सब सही है नारियां,
बहुत सही है अपमान और
बहुत सही है गालियां,
वेश्यावृत्ति, दास प्रथा की
शिकार हुई है नारियां
ऐसा कोई क्षेत्र नहीं
जहां नहीं पहुंची हो नारियां
सदियों पुरानी जंजीरों को
तो रही है नारियां,
गलतफहमी को दूर हटाओ
सशक्त हुई है नारियां
पहले जैसी अबला नहीं
अब रही है नारियां।
