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Archana Tiwary Archana Tiwary

Abstract

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Archana Tiwary Archana Tiwary

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सपने

सपने

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जिंदगी करती हर पल मनमानी इसका हर एक पल लगता तूफानी 

चलती रही उन राहों पर 

कभी हार मैंने न मानी

 संघर्षों से था भरा यह जीवन 

मुश्किल घड़ियां थी आनी जानी 

थाम हाथ आशा का 

उस पर आगे बढ़ने की ठानी 

लिखती रही एहसासों को अपने 

बनती रही नई नई कहानी 

कभी लबों पर हंसी रहती

तो कभी छा जाती उदासी

मिली जुली गुजर रही है 

अपनी यह जिंदगानी 

सपने जो देख रही थी 

हो रही पूरी बारी-बारी

शब्दों से खेलने लगी हूं

नए नए जज्बातों संग जीने लगी हूं


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