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Phool Singh

Inspirational

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Phool Singh

Inspirational

समुद्री जीव

समुद्री जीव

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मानव, प्रकृति की सबसे सुंदर रचना 

करुरता की ओर क्यूँ बढ़ा

स्वार्थपूर्ति में ऐसा उलझा 

मानवता-शिक्षा ही भूल बैठा।


सीवर, नाली-नालों का कूड़ा-कचरा

सागरों में जाकर जा मिला

धोखे में खाते जलीय पशु-पक्षी

जो, मौत का कारण उनकी बना।


व्यापक रूप से उपयोग में आता

अवशिष्ट प्रदार्थों से भरा हुआ

रिसाइकिल हो सकती प्लास्टिक, बंधू

क्यूँ पानी में बहा देता।


विलुप्त होने से बचे प्रजातियाँ

इस बात की क्यूँ न सोच रहा

विकराल हो रही जल प्रदूषण समस्या

क्यूँ न अब भी सोच रहा।


टैक्स लगे है कई देशो में

प्लास्टिक बैग भी बैन हुआ

कमी थोड़ी है जल प्रदूषण में, लेकिन 

समुद्री जीवों पर, जान का खतरा बना हुआ।


कर जोड़ मेरी विनती सभी से 

न नदी-नालों में प्लास्टिक, सिंथेटिक पदार्थ बहाओं 

रिसाईकिल कर उन्हें उपयोग में लाकर 

होने जा रही विलुप्त प्रजातियों की जान बचाओं।


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