शिक्षा पर कविता
शिक्षा पर कविता
शिक्षा है अनमोल रत्न, पढ़ने का सब करो जतन।
शिक्षा ही तुम्हारे मंजिल तक पहुंचती है ।
वही तुम्हें अच्छी रह दिखाती है।
शिक्षा लेकर अध्यापक बनना है ।
खुद शिक्षित होना, दूसरों को भी शिक्षित करना है।
शिक्षा से बढ़कर कोई धन नहीं।
इसके बिना लगता मन नहीं।
जीवन में एक निर्णय से हो जाती बर्बादी है।
शिक्षा को अपनाने से आगे चलकर हो जाती आबादी है।
मानो मेरा कहना, कही छोड़ ना देना शिक्षा लेना ।
आगे चल कर पछताओगे,
बार बार यही बात ध्यान में लाओगे ।
शिक्षा है अनमोल रत्न, पढ़ने का सब करो जतन ।
उम्र थका नहीं सकती, ठोकरें गिरा नहीं सकती।
अगर जिद हो जीतने की, तो हर भी हरा नहीं सकती ।
बेटियों को पढ़ाइये, गाँव को बेहतर बनाए।
