शीर्षक:अनायास ही
शीर्षक:अनायास ही
कभी कभी अचानक ही जीवन में
आ जाता है मोड़ और बदल जाती है यात्रा
फिर अचानक ही बिन सोचे ही राह भटक जाना
पल भर में ही जीवन बदल जाता है
न चाहते हुए भी अनायास ही
कोई घटना दे देती है दंश जीवन में
पल पल बीतता है फिर दुख के साये में
घटता है अचानक़ ही कुछ अजीबोगरीब सा
अनायास ही बहा ले जाता है अपनी राह
न चाहते हुए भी अनायास ही
अडिग रहे हो हम चाहे अपनी राह पर
फिर भी अचानक ही बदल जाती है राहें
मन के कोने में छोड़ जाती है यादें
पल भर में बहुत कुछ सिखा जाती है
न चाहते हुए भी अनायास ही
बदल जाता है जिंदगी जीने का दृष्टिकोण भी
सोच विचार भी मानो अस्थिर होने लगते हैं
निमित्त चाहे सोच बने पर राह बदल जाती है
यूँ ही अचानक ही अनचाही सी
न चाहते हुए भी अनायास ही।
