STORYMIRROR

Rameshwai Rani

Classics

4  

Rameshwai Rani

Classics

शेर

शेर

1 min
557

जो सभी कर रहे हैं वो करना नहीं

मुझको जीना नहीं मुझको मरना नहीं 


खामखा नींद आ जाएगी आख़िरी

तुम अभी मुझको बांहों में भरना नहीं 


आंख दिखलाएंगे दुनिया भर के बशर

बाप से डरना औरों से डरना नहीं 


मौत तय है ये सच है मगर याद रख

जीने से पहले हरगिज़ तू मरना नहीं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Rameshwai Rani

शेर

शेर

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Classics