शब्द
शब्द
शब्द नहीं मिलते तुम्हें कुछ कहने को
बुरा कहूं तो तुम रूठ जाते हो
अच्छा कहो तो तुम खुश हो जाते हो
इन पन्नों से तुम्हारे लिए शब्द निकालूं।
पन्ने खुले हैं और हर रंग के शब्द सवारूँ
हर शब्द का एक मोल होता है
और शब्दों के अनेक अर्थों का तोड़ होता है
जो हंसाते हो रुलाते हैं।
वह शब्द ही तो है जो हकीकत बताते हैं।
