ravindra kumar
Comedy
जादूगरी प्रशाधनों की
उचित अनुचित संसाधनों की
कुछ सुंदर बिंदिया सजाना
पायल की छम छम बजाना।
फॉसिल की घड़ियां सजाना
गेस की महक जगाना
जारा के आवरण चढ़ाना
रे बन से नयन मटकाना।
ओप्पो वीवो के फ़िल्टर लगाना
न आया कोई काम
तू तब भी चुड़ैल थी
अब भी चुड़ैल है।
सौंदर्य
खामोशी भी कुछ...
कैसे लिखूं तु...
इंतजार
जिंदगी में ना कभी हमने कोई चाल चली ना कभी चलाई। तो कहां से यह शतरंज मुझे समझ में आए। जिंदगी में ना कभी हमने कोई चाल चली ना कभी चलाई। तो कहां से यह शतरंज मुझे समझ ...
नीचे एक बैठी थी नई नवेली माथे पर लगाकर के सिंदूर। नीचे एक बैठी थी नई नवेली माथे पर लगाकर के सिंदूर।
है ना ..! गजब ये काला जादू, बेटा जाल में फंसकर, हुआ बेकाबू ..!! है ना ..! गजब ये काला जादू, बेटा जाल में फंसकर, हुआ बेकाबू ..!!
एक पल चैन ना आवे मोबाइल तेरे बिना मन मेरा हाय घबरावे मोबाइल तेरे बिना। एक पल चैन ना आवे मोबाइल तेरे बिना मन मेरा हाय घबरावे मोबाइल तेरे बिना।
एक साथ कई भावों से हमें बुदबुदाती फिल्म। एक साथ कई भावों से हमें बुदबुदाती फिल्म।
अब तक थे आजाद पक्षी, उड़ते थे उन्मुक्त गगन में। अब तक थे आजाद पक्षी, उड़ते थे उन्मुक्त गगन में।
मन करता अब उठा कमंडल हिमालय को करूं प्रस्थान। मन करता अब उठा कमंडल हिमालय को करूं प्रस्थान।
लेकिन परिवार आज, टुकड़ों में बँट गए। लेकिन परिवार आज, टुकड़ों में बँट गए।
थोड़ी चापलूसी, थोड़ी बड़ाई, नेताजी की करो जय जयकार, थोड़ी चापलूसी, थोड़ी बड़ाई, नेताजी की करो जय जयकार,
जिंदगी न हुई तो मानो एनसीसी की ड्रिल है क्या ये जिंदगी किसी फिल्म से कम है क्या।। जिंदगी न हुई तो मानो एनसीसी की ड्रिल है क्या ये जिंदगी किसी फिल्म से कम है ...
रोमांस फ्री में हो सकता दुनिया को बताता आया। रोमांस फ्री में हो सकता दुनिया को बताता आया।
इससे बढ़कर कई चीज़ें लोग बताते असल ज़िन्दगी वे इसके साथ बिताते। इससे बढ़कर कई चीज़ें लोग बताते असल ज़िन्दगी वे इसके साथ बिताते।
बड़ा बेदर्द निकला उसका बाप, आज तक लंगड़ा के चल रहा हूं। बड़ा बेदर्द निकला उसका बाप, आज तक लंगड़ा के चल रहा हूं।
कहाँ हमारे मीडिया चैनल बड़ी ही बघार रहे थे शेखी कहाँ हमारे मीडिया चैनल बड़ी ही बघार रहे थे शेखी
आज फिर बेसकूनी और गम ऐ दिल है बहुत ज्यादा आ गया बिजली का बिल है। आज फिर बेसकूनी और गम ऐ दिल है बहुत ज्यादा आ गया बिजली का बिल है।
सब वर्जिश करते सुबह टल गई... खाने में मैं ने बनाए गर्म पकोड़े। सब वर्जिश करते सुबह टल गई... खाने में मैं ने बनाए गर्म पकोड़े।
दया जी का गरबा भी अब दिखता नहीं, कुछ नये पुराने किरदार लगते हमें सही। दया जी का गरबा भी अब दिखता नहीं, कुछ नये पुराने किरदार लगते हमें सही।
खुद से होती है,जब आपका समय आ जाता है सब छोड़ के जाने का।। खुद से होती है,जब आपका समय आ जाता है सब छोड़ के जाने का।।
मैं ही था जो पीकर टंकी पर चढ़ा था मौसी को समझाने भी मैं ही गया था मैं ही था जो पीकर टंकी पर चढ़ा था मौसी को समझाने भी मैं ही गया था
स्टोरी मिरर ने मुझको बुलाया है स्टेज पर चढ़ा मैं, मिला है प्राइज़। स्टोरी मिरर ने मुझको बुलाया है स्टेज पर चढ़ा मैं, मिला है प्राइज़।