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अमर दयाल सिंह

Inspirational

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अमर दयाल सिंह

Inspirational

रुकना अभी जाना नहीं

रुकना अभी जाना नहीं

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ए दोस्त रुकना अभी जाना नहीं

अभी रवानी बाकी है

मिलकर जो शुरू किए थे

खत्म करनी वो कहानी बाकी है।


मिलकर जो लगाए थे पौधे उम्मीदो के

उनका अभी पेड़ होना बाकी है

साथ साथ फिर खाएंगे फल मेहनत के

अभी जीवन के रसों का आस्वादन बाकी है

ए दोस्त रुकना अभी जाना नहीं

अभी रवानी बाकी है

मिलकर जो शुरू किए थे

खत्म करनी वो कहानी बाकी है।


मिलकर जो देखे थे सपने उड़ने की आसमां में

अभी कोमल पंखों का मजबूत होना बाकी है

साथ-साथ भरेंगे फिर उड़ान आसमां में

अभी चांद को छूना बाकी है

ए दोस्त रुकना अभी जाना नहीं

अभी रवानी बाकी है

मिलकर जो शुरू किए थे

खत्म करनी वो कहानी बाकी है।


जो मिलकर खाई थी कसमे की मिलेंगे फिर वही

गांव की बगिया में जहां खोया गिल्ली डंडा कही

देखो साथ चलते-चलते बड़ी दूर आ गये

वापस गांव की मिट्टी का तिलक लगाना बाकी है

ए दोस्त रुकना अभी जाना नहीं

अभी रवानी बाकी है

मिलकर जो शुरू किए थे

खत्म करनी वो कहानी बाकी है।



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